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अमेरिका में U-Visa पाने के लिए फर्जी डकैती का आरोप, FBI ने किया 11 भारतीयों को गिरफ्तार

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नई दिल्ली : अमेरिका में 11 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने इमिग्रेशन से जुड़े फायदे हासिल करने के लिए नकली हथियारबंद डकैतियों की साजिश रची। मैसाचुसेट्स के बोस्टन में तैनात फेडरल एजेंट्स के मुताबिक, इस समूह ने अलग-अलग दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नकली डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया। आरोप है कि इन घटनाओं को इस तरह अंजाम दिया गया ताकि वहां काम करने वाले कर्मचारी खुद को अपराध का शिकार बता सकें और एक विशेष तरह के वीजा के लिए पात्र बन सकें।

अमेरिका में ‘यू-वीजा’ उन लोगों को दिया जाता है जो किसी गंभीर अपराध के शिकार हुए हों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की जांच में सहयोग करते हों। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने सुविधा स्टोर, शराब की दुकानों और फास्ट-फूड रेस्टोरेंट में कम से कम छह नकली डकैतियों की साजिश रची।

फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) का कहना है कि पूरी घटना को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। योजना के तहत एक व्यक्ति नकली डकैत की भूमिका निभाता था और हाथ में बंदूक जैसी दिखने वाली वस्तु लेकर दुकान में घुसता था। वह काउंटर से नकदी लेकर वहां से भाग जाता था।

एफबीआई के अनुसार साजिश का एक अहम हिस्सा यह भी था कि डकैती की पूरी घटना दुकान में लगे ‘सीसीटीवी कैमरों’ में रिकॉर्ड हो जाए, ताकि घटना वास्तविक लगे। जांच में यह भी सामने आया कि नकली डकैती के बाद दुकान में मौजूद लोग तुरंत पुलिस को सूचना नहीं देते थे। वे जानबूझकर करीब पांच मिनट या उससे अधिक इंतजार करते थे और उसके बाद अधिकारियों को सूचना देते थे, जिससे डकैती करने वाला व्यक्ति आसानी से भाग सके और घटना अधिक वास्तविक लगे।

एफबीआई का आरोप है कि इन नकली डकैतियों में शामिल होने के लिए लोग पैसे देते थे, ताकि वे खुद को झूठे तौर पर अपराध का शिकार बताकर यू-वीजा हासिल कर सकें। आरोप यह भी है कि साजिश रचने वाले व्यक्ति को पैसे मिलते थे, जिन्हें बाद में दुकान मालिकों में बांट दिया जाता था, ताकि वे अपनी दुकानों में इन नकली घटनाओं को अंजाम देने में सहयोग करें।

मामले में गिरफ्तार छह लोगों— जितेंद्रकुमार पटेल, महेशकुमार पटेल, संजयकुमार पटेल, अमिताबेन पटेल, संगीताबेन पटेल और मितुल पटेल — को मैसाचुसेट्स में गिरफ्तार किया गया। बोस्टन फेडरल कोर्ट में पहली पेशी के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

वहीं इस मामले में शामिल रमेशभाई पटेल, रोनककुमार पटेल, सोनल पटेल और मिंकेश पटेल को केंटकी, मिसौरी और ओहियो में गिरफ्तार किया गया। इनकी पहली पेशी वहीं की अदालतों में हुई और बाद में इन्हें आगे की सुनवाई के लिए बोस्टन की फेडरल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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